उत्तरकाशी में 3 जगह फटे बादल, सेना का कैंप भी आया चपेट में, 8-10 जवान लापता

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। पहाड़ से तेजी के साथ नीचे उतरा पानी अपने साथ होटल, घर और होम स्टे को बहा ले गया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में बह गया है। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना सामने आई, लेकिन उसमें किसी तरह के नुकसान की अभी जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि राहत बचाव में लगी टीमों ने धराली गांव से 60 लोगों को सुरक्षित कोपांग आईटीबीपी कैंप और 50 को गंगोत्री पहुंचाया है। साथ ही घटना में चार लोगों की मौत, 30 लापता हैं। वहीं 30 होटलों और दुकानों को नुकसान हुआ है।
उत्तरकाशी जिले में राहत कार्यों के लिए भारतीय वायु सेना के चिनूक एमआई-17 वी5, चीता और एएलएच हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ एयरबेस पर सक्रिय रूप से तैयार हैं। हेलीकॉप्टर आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों के साथ तैयार हैं और राहत कार्य शुरू होते ही उड़ान भरेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राउंड जीरो पर तैनात राहत बचाव दल के लोगों से फोन पर जानकारी ली। इसके साथ ही आवश्यक निर्देश दिए।
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से उत्तरकाशी जिले में तीन पुलिस अधिकारियों की तैनाती की है।
निचले हर्षिल क्षेत्र में एक शिविर से 8-10 भारतीय सेना के जवान लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना में अपने साथ के लोगों के लापता होने के बावजूद, भारतीय सेना के जवान राहत कार्यों में लगे हुए हैं। 
एसडीआरएफ की पोस्ट भटवाड़ी व गंगोत्री से रेस्क्यू टीमें उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई है। रेस्क्यू टीम द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से अवगत कराया गया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र से अभी तक 60 से 70 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। एसडीआरएफ की अन्य टीमें रास्ते में है जो जल्दी ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच जाएगी।
जौलीग्रांट मुख्यालय से धराली के लिए रेस्क्यू टीमें रवाना
एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट में सेनानायक ने रेस्क्यू टीमों को ब्रीफ्रिंग के बाद धराली के लिए रवाना किया। जौलीग्रांट से कुल 50 रेस्क्यू जवानों की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। धराली में बादल फटने से मची तबाई के बाद सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने रेस्क्यू टीमों को दिशा निर्देश देते हुए घटनास्थल के लिए रवाना किया। टीमों के साथ उपसेनानायक को रवाना किया गया है। जबकि सेनानायक खुद भी मौके के लिए रवाना हुए हैं। यदुवंशी ने कहा कि रेस्क्यू टीमों को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए मेडिकल किट, राशन, टेंट, कटर, थर्मल इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेशन कैमरा आदि के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। कहा कि दो टीमें पहले ही घटनास्थल पर पहुंची चुकी हैं।
प्रदेश में अगले तीन घंटे भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। रात नौ बजे तक अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उधम सिंह नगर, उत्तर काशी  में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं।

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